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Friday, February 10, 2017

कृष्णमूर्ति पद्धयती में उच्च शिक्षा के योग :-

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कृष्णमूर्ति पद्धयती में उच्च शिक्षा के योग :-
कृष्ण मूर्ति पद्धयती के द्वारा हम यह जान सकते है की जातक उच्च शिक्षा में सफल होगा की नहीं अगर होगा तो वो उच्च शिक्षा रेगुलर करेगा या फिर डिस्टेंस से | अगर जातक एमबीए करना चाहता है तो एमबीए में उसको कौन सी फिल्ड सही रहेगी ये सब हम कुंडली के द्वारा और श्री कृष्ण मूर्ति पद्धयती में बताय गए सूत्रों से जान सकते है | उच्च शिक्षा का अर्थ स्नातक के बाद करने वाले कोर्से जैसे  एमबीए पीएचडी आदि |
इसके लिए निम्न लिखित नियम देखना जरुरी है .....
कस्प कुंडली में नवम भाव नवम भाव के स्वामी और इसके उप नक्षत्रस्वामी |
नवम भाव के स्वामी अपने उपनक्षत्रस्वामी के द्वारा इंगित करे चौथे भाव को या नवम भाव को या एकादश भाव को तीनो में किसी एक को या तीनो को |
नवम भाव के स्वामी अपने उपनक्षत्रस्वामी के द्वारा इंगित न करे चौथे भाव को या नवम भाव को या एकादश भाव को | बल्कि  इंगित करे तीसरे भाव या आठवे भाव को |
क्योंकि चौथा भाव का द्वादश भाव है तृतीय भाव जो अनियमितता को दर्शाता है वही नवम भाव का द्वादश भाव है अष्टम भाव को जो उच्च शिक्षा की असफलता को दर्शाता है |
साथ में हमे यह भी देखना है की प्रश्न करते समय गोचर में नवम भाव के स्वामी व उपनक्षत्रस्वामी ग्रह वक्री तो नहीं है अगर वक्री है तो अभी उपयुक्त समय नहीं है या उच्च शिक्षा में देरी है |
इसलिए प्रश्न करते समय गोचर में ये ग्रह मार्गी रहे |
यदि नवम भाव के स्वामी कनेक्ट हो रहे है चौथे भाव से तो जातक रेगुलर शिक्षा ग्रहण करेंगे |
यदि नवम भाव के स्वामी कनेक्ट हो रहे है तृतीय भाव और साथ ही साथ नवम भाव दोनों के साथ तो जातक दूरस्थ शिक्षा ग्रहण करेंगे |
अगर जातक पी एच डी करना चाहता है तो इसके लिए हमें निम्न नियमो को देखना होगा :-
पी एच डी के लिए हम सभी जानते है की पी एच डी करने की बाद व्यक्ति अपने नाम के आगे डाक्टर लिखता है और डाक्टर या अस्पताल का घर है द्वादश भाव | इसलिए पी एच डी के लिए हमने द्वादश भाव उसके स्वामी और उसके नक्षत्र स्वामी को ध्यान में रखना है उनकी स्थित देखनी है |
द्वादश भाव के भाव स्वामी और उप नक्षत्र स्वामी यदि कैसे भी इंगित कर रहे है चौथे भाव  को नवम भाव को और 11 वे भाव को यहाँ पर सिर्फ एक भाव को न देखे अर्थात 12वे भाव का सम्बन्ध (भाव स्वामी और उप नक्षत्र स्वामी) 11+9 या 11+4 या 9+4 इन तीन स्थितियों में कोई एक स्थित बने |
साथ में जातक के जन्मपत्री में शनि का भी सम्बन्ध 11+9 या 11+4 या 9+4 इन तीन स्थितियों में कोई एक स्थित बने | क्योंकि शनि रिसर्च के कारक गहरी सोच के कारक माने जाते है |
तीसरा की जातक जब पी एच डी करता है तो उसे थिसेस लिखनी पड़ती है और वो थिसेस ही निर्णायक सिद्ध होती है जातक के पी एच डी के लिए | और हम जानते है की लेखन के लिए तृतीय भाव को देखते है |
तृतीय भाव के भाव स्वामी उपनक्षत्र स्वामी का सम्बन्ध चौथे भाव नवम भाव या ११ वे भाव से बनना जरुरी है |
एम् बी ए
अगर हम उच्च सिक्षा में एम् बी ए की बात करे तो इसके लिए आज हर कोई जानना चाहता है या ये कहे की एम् बी ए के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति जाना चाहता है क्योंकि उनको लगता है की इसके द्वारा नौकरी आसानी से मिल सकती है |
एम् बी ए के लिए हमे यह देखना है की नवम भाव का सम्बन्ध बुध ग्रह के साथ होना जरुरी है जैसे
नवम भाव में मिथुन या कन्या राशि जो बुध की है वो हो
या नवम भाव के उप नक्षत्र स्वामी बुध बने
या बुध स्वयं नवम भाव में बैठे हो |
और बाकि नियम उपरोक्त तरह ही रहेंगे चतुर्थ भाव नवम भाव व एकादश भाव का सम्बन्ध बने |
अब प्रश्न ये उठता है की एम् बी ए की विषय से करे
जैसे MBA in Finance, MBA in Marketing, MBA in HR
MBA in Finance के लिए शुक्र का सम्बन्ध नवम भाव व दुसरे भाव से बने |
MBA in Marketing के लिए नवम भाव का सम्बन्ध चर राशियों से बने |
MBA in HR के लिए नवम भाव का सम्बन्ध शनि के साथ व साथ ही साथ गुरु ग्रह  के साथ भी बने |

Posted By Ashish TripathiFriday, February 10, 2017

Tuesday, January 10, 2017

शनि देव शनि की साढ़े साती डर और अंधविश्वास

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शनि देव शनि की साढ़े साती डर और अंधविश्वास

वर्तमान में शनि देव की काफी चर्चा हो रही है कारण 26 जनवरी २०१७ को 320 दोपहर को में शनि देव अपनी वृश्चिक राशि को छोड़ कर धनु राशि में प्रवेश कर रहे है जिस कारण जिन व्यक्तियों की कुंडली अनुसार साड़ेसाती शुरू हो रही है उन्हें काफी चिंता है साथ ही काफी ज्योतिषी और टी वी कार्यक्रमों में ऐसा दिखाया जा रहा है जिससे काफी लोगो डरे हुए है ।
अब बात आती है क्या सभी प्रकार के कष्टों के कारण सिर्फ शनि देव है क्या शनि हमेशा बुरा ही करते है आज का लेख सिर्फ इस बात और इस अंधविश्वास को दूर करने के लिए ही है की शनि किसी का भी अहित नहीं करते सिर्फ व्यक्ति के अच्छे बुरे कर्मो का फल उसको उसकी साड़े साती की दशा में मिलता है । प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में साड़े साती तीन बार आती है कारण उसके कर्मो के फल समय समय पर उसको मिलते रहे ताकि उसका जीवन आनंद से कटता रहे ।
शनि को ९ ग्रहों में सबसे धीमे चलने वाले ग्रह माने गए है शनि को न्याय का भी देवता कहते है । शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक भ्रमण करते है और इस प्रकार १२ राशियों में भ्रमण करने में शनि देव को तीस वर्षो का समय लगता है ।
सूर्य को शनि का पिता व छाया को माता बताया गया है साथ ही शनि का अपने पिता सूर्य से हमेशा बैर रहता है शनि सूर्य की उच्च राशि मेष में ही नीच के रहते है । जब भी सूर्य व शनि एक राशि में स्थित हो जाते है को पित्र दोष का निर्माण करते है ऐसा सूर्य व शनि की आपस में द्रष्टि पड़ने पर भी माना जाता है कुछ विद्वान शनि का सूर्य व सूर्य का शनि की राषि में स्थित होने पर भी पित्र दोष होना बताते है ।
आने वाली २६ जनवरी को 1520 मिनट में शनि ढाई साल बाद वृश्चिक राशि को छोड़कर धनु राशि में प्रवेश करेगे जिससे तुला राशि व धनु राशि में चल रही साड़े साती समाप्त हो जाएगी और वृश्चिक जातकों के लिए साढ़े साती का अंतिम चरण शुरू हो जायेगा । इसके अतिरिक्त धनु जातकों के लिए साढ़े साती का दूसरा चरण प्रारंभ हो जायेगा है साथ ही मकर राशि  का शनि की साढ़े साती शुरू हो जाएगा।
क्या अब वृश्चिक और मकर राशि वालो का बुरा समय शुरू हो जायेगा ! क्या अब उन सभी व्यक्तियों को जिनकी राशि मकर और वृश्चिक है उन्हे मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा !
क्या वास्तव शनि कष्ट देते है मुसीबत देते है क्या शनि से भयभीत होना स्वाभाविक है या यह एक अंधविश्वास मात्र है !
जिन शनि देव को न्याय का देवता माना गया है और जो न्याय स्वरुप तुला तराजू जिनकी उच्च राशि बताई गई है  और जो न्याय करते है वो क्या सभी को दंड ही देते है क्या क्रूर होते है क्या वो सभी के साथ क्रूरता ही करते है जवाब नहीं ही होगा ,क्योंकि जो गलत है दंड उसको ही मिलता है जो दुसरो को परेशान करता है स्त्रियों का सम्मान नहीं करता अपने से छोटे लोगो को कष्ट देता है वो दंड की अधिकारी है कष्ट उन्हे ही मिलता है ,और जो अच्छा है सबको प्यार करता है ईमानदार है नशा आदि नहीं करता है सबसे स्नेह रखता है उसकी वाणी से किसी को कष्ट नहीं होता उसे शनि देव कभी कष्ट नहीं बल्कि तरक्की देते है ।
सभी ज्योतिषी तो नहीं लेकिन ऐसे कम भी नहीं है जो अपनी दुकान चलाने के लिए लोगो को शनि का भय दिखा कर उन्हे डरा कर रत्न अनुष्ठान आदि बता कर उनसे पैसे वसूलते है और उनके जीवन में आने वाले ज्यादातर कष्टों का ठीकरा शनि देव पर फोड़ देते है ।
सौर्य मंडल या कुंडली में स्थित में शनि के अतरिक्त ८ गृह भी उतना ही कष्ट या फल देते है जितना शनि देते है द्य बस अंतर इतना है की शनि न्याय के देवता है और सबसे धीमे चलने वाले है तो उनके दिए हुए फल देर तक रहते है इसलिए हमे दिखाई देते है बाकि ग्रहों की चाल शनि से तेज है इसलिए उनके कष्ट त्वरित होते है जिन्हें हम ध्यान नहीं देते ।
यहाँ पर सिर्फ एक बात है की क्या शनि सभी के लिए कष्टकारी होते है तो ये निष्कर्ष निकलता है की जो कर्म अच्छे करेगा उसको अपने जीवन में शनि की साड़े साती और ढैय्या में कष्ट नहीं मिलते लेकिन अगर उसने जाने अनजाने में किसी को भी कष्ट पहुचाया है तो उसको कष्ट ही मिलेंगे ।
स्वर्गीय प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा और वर्तमान प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनकी साड़े साती में ही उच्च पद की प्राप्ति हुई थी ।
कुल मिलकर हम जिन्हें अपने पूर्व जन्मो का कर्म कहते है वो असल में हमारे इस जन्म के ही कर्म होते है क्योंकि हम प्रत्येक दिन मरते है और प्रत्येक दिन जीते है तो जो समय हमारे  वर्तमान जीवन में बीत चूका है है वह ही पिछला जन्म था जिसके कर्म हम वर्तमान में भोग रहे है और भविष्य कैसा होगा यह भी हम वर्तमान में किये गई कर्मो से तय कर सकते है ।
कैसे समझे कुंडली में साढ़े साती शुरू होती है ?
१ शनि देव गोचर अर्थात वर्तमान में कौन सी राशि में है ये देखे वृश्चिक राशि में
२ आपकी कुंडली में चंद्रमा कहा स्थित है ?
मान लीजिये ७ नंबर जहा लिखा है वहा पर है अर्थात तुला राशि में है
या जहा ९ नंबर लिखा है है वहा पर अर्थात धनु राशि में है
अब शनि जहा गोचर में है वहा से गिनने पर १२वे व दुसरे आने पर साड़े साती शुरू हो जाती है ।
धनु राशि १२वे आ रही है जब की तुला राशि २रे आ  रही है ।
या ऐसे समझ सकते है की जन्म राशि से गोचर शनि २रे और १२वे आने पर साड़े साती शुरू हो जाती है द्य और चैथे ८वे आने पर ढैय्या शुरू होती है ।
शनि की साड़े साती चल रही हो या शुरू होने वाली हो तो कुछ उपायों के द्वारा कष्टों को कम किया जा सकता है ।
निष्कर्षके तौर पर देखें तो साढ़े साती भयकारक नहीं है शनि चालीसा में एक स्थान पर जिक्र आया है
।। गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं। हय ते सुखसम्पत्ति उपजावैं ।। गर्दभ हानि करै बहु काजा । गर्दभ सिद्घ कर राजसमाजा।।
श्लोक के अर्थ पर ध्यान दे तो एक ओर जब शनि देव हाथी पर चढ़ कर व्यक्ति के जीवन प्रवेश करते हैं तो उसे धन लक्ष्मी की प्राप्ति होती तो दूसरी ओर जब गधे पर आते हैं तो अपमान और कष्ट उठाना होता है। इस श्लोक से आशय यह निकलता है कि शनि हर स्थिति में हानिकारक नहीं होते अतः शनि से भय खाने की जरूरत नहीं है। अगर आपकी कुण्डली में शनि की साढ़े साती चढ़ रही है तो बिल्कुल नहीं घबराएं और स्थिति का सही मूल्यांकण करें।

उपाय:- नशे और नशे की वस्तुओं से दूर रहे ।
धार्मिक कार्यो में भागीदार बने ।
दशरथ कृत शनि स्त्रोत का पाठ नित्य करे ।
लोहे के कटोरे में तेल भर कर उसमे अपनी छवि देखे और उसको किसी भिखारी या शनि मंदिर में दे दे ।
सुन्दर कांड का मंगलवार व शनिवार पाठ करे ।
शनिवार को पीपल के ११ पत्ते धोकर उसमे पीले सिन्दूर से राम राम लिखे और कलावा  से सभी पत्तो से को बांध कर माला बना ले और उसे हनुमान जी की मूर्ति पर चड़ा दे । और बजरंग बाण का पाठ करे द्य अंत में मनोकामना करे और कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करे ।
पंडित आशीष त्रिपाठी
ज्योतिष आचार्य

Posted By Ashish TripathiTuesday, January 10, 2017

Saturday, November 12, 2016

नॉन डिक्लेयर 1 करोड़ रु. जमा नहीं किए तो पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई

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शादी में मिले नोट भी बदल सकते हैं; नॉन डिक्लेयर 1 करोड़ रु. जमा नहीं किए तो पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
नई दिल्ली.1000/500 रु. के नोट बंद होने के बाद कई सवाल अब भी बने हुए हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोई अपने खाते में 2.5 लाख रु. से ज्यादा जमा करता है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जानकारी देनी पड़ेगी। इनकम से ज्यादा प्रॉपर्टी पाई गई तो उस रकम पर टैक्स के साथ 200% जुर्माना लगेगा। आप शादी में मिले नोट भी बैंक में जाकर बदल सकते हैं, लेकिन अगर आपके पास नॉन डिक्लेयर 1 करोड़ रु. हैं और उसे जमा भी नहीं कर रहे हैं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड में पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। कई जरूरी बातों को लेकर #भास्कर ने सीए अखिलेश तिवारी, इनकम टैक्स एक्सपर्ट राजेश्वर दयाल, इलाहाबाद बैंक के रिटायर्ड मैनेजर बीके भटनागर और टैक्स मामलों के वकील राकेश श्रोती से बात कर जरूरी सवालों के जवाब तलाशे। भास्कर गाइड में पढ़ें हर घर की सबसे जरूरी खबर...  
Q. मेरे पास एक करोड़ रुपए कैश है। मैं इसे बैंक में जमा कराने जा रहा हूं। क्या मुझे 200% पेनाल्टी देनी होगी?
A. आप जितना चाहें पैसा बैंक में जमा करा सकते हैं। पर अगर आप 2.5 लाख रु. से ज्यादा जमा करेंगे तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को बताया जाएगा। डिपार्टमेंट आपके टैक्स रिटर्न से मिलान करेगा। पैसे आय से ज्यादा हुए तो उस पर टैक्स और जुर्माना लगेगा। जुर्माना टैक्स का 200% होगा।
अब मान लें कि आपका 1 करोड़ रुपया नॉन डिक्लेयर इनकम है। तो...
- इस 1 करोड़ रुपए का 30% यानी 30 लाख टैक्स कटेंगे। अब इस टैक्स का 200% यानी 60 लाख रु. जुर्माना लगेगा। इसका मतलब हुआ आप सिर्फ 10 लाख रुपए ही घर लेकर जा सकेंगे, लेकिन अगर यह डिक्लेयर इनकम है और आप पहले ही टैक्स दे चुके हैं, तो फिर कोई कटौती नहीं होगी।
Q. अगर ये 1 करोड़ रुपए डिक्लेयर नहीं है और मैं इसे जमा नहीं कराता हूं तो?
A. 500/1000 के नोट हैं तो नहीं चलेंगे। इनकम टैक्स रेड में पकड़े गए तो आैर सख्त कार्रवाई होगी।
Q. मैं 1 करोड़ को अलग-अलग लोगों के खाते में 2-2 लाख जमा करा दूं तो?
A. पॉसिबल तो है। पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी पता है कि ऐसा हो सकता है। इसलिए 30 दिसंबर तक ऐसे ट्रांजैक्शन पर नजर रहेगी। पिछला रिटर्न देखा जा सकता है। सोर्स पूछा जा सकता है।
Q. मेरे यहां दो दिन पहले शादी थी। गिफ्ट में 5 लाख के 500/1000 रु. के नोट जमा हो गए हैं। अब मैं क्या करूं?
A. आप सभी नोट बैंक से बदलवा सकते हैं। पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सामने शादी के सबूत देने होंगे। मसलन शादी का इन्विटेशन कार्ड, होटल या मैरिज हॉल का बिल, केटरर का बिल आदि। ताकि दावा साबित कर सकें। 1 लाख रु. से ज्यादा के गिफ्ट पर पूछताछ हो सकती है। बताना पड़ेगा कि किसने-कितने पैसे दिए।
Q. बेटी की शादी के लिए जमीन बेची थी। कैश में 10 लाख हैं। कुछ पैसे उधार भी लिए थे, अब क्या करें?
A. पुराने नोट तो नहीं चलेंगे। आपको ये पैसे बैंक में जमा कराने ही होंगे। जमीन बेची है तो उसके कागजात होंगे। उस पर रकम भी लिखी होगी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इसकी कॉपी दिखानी होगी। उधार लिया है तो उसका भी सोर्स बताना होगा।
Q. मकान बेचने पर कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक कुछ रकम चेक से और बाकी कैश ली। उस कैश का क्या होगा?
A. प्रॉपर्टी के पेपर में जो रकम लिखी हुई है, अगर पैसे उससे ज्यादा हैं तो वह कालाधन माना जाएगा। उस रकम पर टैक्स भी देना होगा और नियम के मुताबिक जुर्माना भी लगेगा।
Q. बुजुर्ग हूं, घर में ही पैसे रखता था। 3 लाख रु. जमा हैं। अब क्या होगा?
A. खाता खुलवाइए। आम तौर पर बैंक में जो भी पैसे जमा होते हैं उसे करेंट ईयर की कमाई माना जाता है। आपका पैसा अगर पिछले सालों का है तो सबूत और सोर्स बताना होगा। नहीं तो यह कालाधन ही माना जाएगा। |
Q. छोटा कारोबारी हूं। 4-5 लाख रु. घर में रखता हूं। क्या बैंक में जमा करने पर टैक्स देना होगा?
A. कैश रखने की सीमा टर्नओवर के हिसाब से तय होती है। अगर आपके खातों में दर्ज है कि इतना पैसा रोजाना आता है तो चिंता मत करिए। कैश आया है तो एकाउंट में लिखा भी होगा कि वह किस कैटेगरी में आया है। अगर वह इससे अलग है तो कालाधन माना जाएगा।
Q. मुझे एक एजेंट ने कमीशन लेकर नोट बदलवाने का ऑफर दिया, क्या करूं?
A. झांसे में न आएं। बैंकों को नए नोटों की लगातार सप्लाई दी जा रही है। एक दिन इंतजार कर लें, कोई कमीशन नहीं देना पड़ेगा।
Q. काला धन रखने वालों के खिलाफ आगे और भी कार्रवाई पॉसिबल है?
A. बिल्कुल। कंपनियों के कलेक्शन के हिसाब से कैश रखने की सीमा होती है। इसे घटाया जा सकता है। ज्यादा कैश मिला तो कार्रवाई होगी। पहले सरकार ने 50 लाख रु. से ज्यादा कमाई वालों से सोने की जानकारी मांगी थी। करीब 80% लोगों का डाटा सरकार के पास है। आगे ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं।
Q. बेटी के गुल्लक में पैसे हैं, वह पूछ रही है कि क्या यह भी कालाधन हो गया?
A. नहीं। लेकिन अगर उसमें 500/1000 के नोट हैं तो बदलवाने पड़ेंगे। सरकार कह चुकी है कि 2.5 लाख रु. तक जमा कराने वाले निश्चिंत रहें। इस पर कोई पूछताछ नहीं होगी।



(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Posted By Ashish TripathiSaturday, November 12, 2016

Thursday, November 10, 2016

घर में मातम लेकिन नाचना जरुरी है

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घर में मातम लेकिन नाचना जरुरी है 



जो नाच गाने का काम करते है अगर उनके घर में मातम हो भी जाय तो क्या उन्होंने जिसके यहाँ नाचने के पैसे लिए है उसके यहाँ तो नाचने जायंगे ही न !
शायद समझ में नहीं आया की हम ये बात क्यों कर रहे है दरअसल बात यह है की वर्ष 2007  में मेरे एक पत्रकार मित्र लखनऊ में थे और रात में 12 के आस पास अपने फ्लैट की बालकनी में बैठे कुछ कर रहे थे तभी देश के दो प्रतिष्ठित समाचार चैनल के दो पत्रकार जो उसी फ्लैट में रहते थे अपनी इन्नोवा कार से रुके और अपनी कार से ड्राइवर की मदद से बोरी उतरवाने लगे दो बोरी उतर ही पाई थी की तीसरी बोरी फस गई और बोरी फट गई और उससे 1000 की गाद्दिया गिर पड़ी |
क्या ये पैसे सैलरी के थे या ये खबर दबाने के थे या किसी की दलाली के !
आज इनकी मजबूरी है की इन्हें खबर तो दिखानी है काले धन की लेकिन कई पत्रकार बंधुओ के पास भी काला धन है लेकिन अपने घर में मातम है लेकिन मजबूरी है की खबर दिखाय या अपने पैसो को कैसे सफ़ेद करे |
देश में कई पत्रकार है जिनका करोड़ो रुपया काले धन से राख हो गया है |  

Posted By Ashish TripathiThursday, November 10, 2016

Sunday, November 6, 2016

हाय तौबा :- चैनल के प्रसारण पर रोक ,डाक्टर ने मरने की डेट निश्चित कर दी है !

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चैनल के प्रसारण पर रोक लोगो का एक दिनी शोक डाक्टर ने मरने की डेट निश्चित कर दी है !

चैनल के एक दिन के प्रसारण पर रोक पर इतनी हाय तौबा शोक मनाया जा रहा है ज्यादातर पत्रकार और प्रेस क्लब एक साथ दंभ भर रहे है की सरकार का निर्णय गलत है !
क्या इससे पहले किसी चैनल के प्रसारण पर रोक नहीं लगी
अगर नहीं लगी तो इससे पहले सर्जिकल स्ट्राइक भी नहीं हुई थी !
इतना शोर क्यों मचा रहे हो इससे किसी की रोज़ी रोटी नहीं रुक जाएगी न ही किसी के घर में कोई भूखा सो जायेगा न ही किसी का बेटा भाई या बहन पिता बेरोजगार नहीं हो जायेंगे |
क्यों इतना रोना पीटना मचाय हो क्या कोई मर गया है या डाक्टर ने मरने की डेट निश्चित कर दी है !
शोर मचाना है तो तब मचाया करो जब आपके पत्रकार भाई सड़क पर आ जाते है उनको सेलरी नहीं मिलती उनको बिना बताय नौकरी से निकाल दिया जाता है कई महिला कर्मचारियों का शोषण होता है |
तब आप पत्रकार भाई और प्रेस क्लब वाले कोई मीटिंग क्यों नहीं करते तब आप सब एक साथ आवाज़ क्यों नहीं उठाते है |
आखिर आप लोग की परेशानी क्या है की कही सरकार एक एक करके आप लोगो के काले कारनामे या यु कहे छुट्टा बैल या भैस के नकेल कसने का ये सिर्फ एक दिवसीय कार्यक्रम है जो आप लोगो के अन्दर डर पैदा कर रहा है अगर हम एक न हुए तो सभी के नकेल पड़ जाएगी और जो हम कही भी किसी भी सरकारी अधिकारी को प्रेस का रौब दिखा कर डरा धमका देते है अपनी इज्ज़त बना लेते है ! ये सब बंद हो जायेगा प्रेस लिखी गाड़ी कही से  भी निकल जाएगी कोई भी फ्री में खाने को दे देगा |
शायद सच्चाई यही है डर सबको लगता है जब डर होता है अर्थात वह पर साहस ख़त्म हो चूका होता है |
कोई अपने दिल पर न ले ये सिर्फ उनके लिए है जो गलत करते है | जो ईमानदार है उन्हे ईमानदारी पेश करने की जरुरत नहीं पड़ती उनको सभी जानते है चिल्लाते वही है जिनकी सुनी नहीं जाती |
न्याय के लिए न्यायालय है सरकार ने अगर गलत किया है तो आप अदालत जाए अपनी बात रखे अदालत को सरकार को भी डांट लगाती है और कार्यवाही करती है |

इनके साथ कौन है :-



एनडीटीवी इंडिया के बाद सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के बाद सरकार ने 'न्यूज टाइम असम' चैनल को एक दिन के लिए और केयर वर्ल्ड चैनल को 7 दिन के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। असम के भी एक समाचार चैनल को एक दिन के लिए प्रसारण बंद करने का आदेश दिया है। समिति ने महसूस किया कि चैनल ने एक से अधिक बार 'प्रोग्रामिंग दिशा-निर्देशों' का उल्लंघन किया। चैनल के खिलाफ आरोपों में से एक आरोप है कि उसने एक कार्यक्रम का प्रसारण किया जिसने एक नाबालिग लड़की की पहचान का खुलासा किया, जिसे घरेलू सेवक के तौर पर काम करने के दौरान बर्बर यातना दी गई थी।

चैनल द्वारा प्रसारित दृश्यों में बच्ची की निजता और गरिमा से समझौता किए जाने की बात महसूस करते हुए चैनल को अक्तूबर 2013 में एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। वहीं केयर वर्ल्ड चैनल को सात दिन के लिए बैन किया गया है। आरोप है कि इस चैनल ने आपत्तिजनक कार्यक्रम दिखाया था।

Posted By Ashish TripathiSunday, November 06, 2016